Class 10 Physics Chapter 2 – Bharati Bhawan Solution |Short Q&A | लघु उत्तरीय प्रश्र | प्रकाश का अपवर्तन | Refraction Of Light
भारती भवन भौतिकी कक्षा 10 अध्याय - 2
1. प्रकाश के अपवर्तन का क्या तात्पर्य है?
उत्तर : प्रकाश का अपवर्तन :
➤ प्रकाश की किरणों के एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे पारदर्शी माध्यम में जाने पर दिशा परिवर्तन की क्रिया को प्रकाश का अपवर्तन कहते हैं।
2. हमारे दैनिक जीवन में प्रकाश के अपवर्तन के उपयोग के दो उदाहरणों को लिखें।
उत्तर : प्रकाश के अपवर्तन के दो दैनिक जीवन में उपयोग के उदाहरण निम्नलिखित हैं:
(i.) चश्मों में :
➤ दृष्टिदोष सुधारने के लिए उपयोग किए जाने वाले लेंस अपवर्तन सिद्धांत पर कार्य करते हैं।
(ii). जल में डूबे वस्तुओं का टेढ़ा दिखना :
➤ जब कोई वस्तु पानी में रखी होती है, तो वह असल स्थान से टेढ़ी या ऊँची दिखाई देती है, जो अपवर्तन के कारण होता है।
3. प्रकाश की एक किरण का अपवर्तन दिखाने के लिए किरण-आरेख खींचें
(a) जब किरण विरल माध्यम से सघन माध्यम में जाती है।
(b) जब किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाती है।
4. हवा में चलती हुई प्रकाश की एक किरण जल में तिरछे प्रवेश करती है। क्या प्रकाश-किरण अभिलंब की ओर झुकेगी अथवा अभिलंब से दूर हटेगी? बताएँ, क्यों।
उत्तर : जब प्रकाश की किरण हवा से जल में तिरछे प्रवेश करती है, तो वह अभिलंब की ओर झुकती है। क्योंकि प्रकाश की चाल जल में हवा की अपेक्षा कम होती है। अपवर्तन के नियम के अनुसार, जब प्रकाश किसी विरल माध्यम से सघन माध्यम में प्रवेश करता है, तो वह अभिलंब की ओर मुड़ता है।
5. काँच की आयताकार सिल्ली (पट्टी) में अपवर्तन के दो किरणों का नामांकित चित्र खींचें।
6. पानी में रखा हुआ सिक्का कुछ ऊपर उठा हुआ प्रतीत होता है। क्यों?
उत्तर : जब हम पानी में रखे सिक्के को ऊपर से देखते हैं, तो सिक्के से आने वाली प्रकाश किरणें जल से हवा में प्रवेश करते समय अपवर्तित हो जाती हैं।
इस अपवर्तन के कारण वे किरणें हमारी आँखों तक सीधी रेखा में आती हुई प्रतीत होती हैं, जिससे सिक्का अपने वास्तविक स्थान से थोड़ा ऊपर उठा हुआ दिखाई देता है।
7. प्रकाश के अपवर्तन के नियमों को लिखें।
अपवर्तन के नियम :-
प्रकाश के अपवर्तन दो नियम निम्नलिखित हैं –
(i). आपतित किरण, आपतन बिंदु पर अभिलंव और अपवर्तित किरण तीनों एक ही समतल में होते हैं।
(ii). किन्हीं दो माध्यमों और प्रकाश के किसी विशेष वर्ण (colour) के लिए आपतन कोण की ज्या (sine) और अपवर्तन कोण की ज्या का अनुपात एक नियतांक होता है।
8. स्नेल के नियम को लिखकर समझाएँ।
उत्तर :
स्नेल के नियम :
➤ किन्हीं दो माध्यमों और प्रकाश के किसी विशेष वर्ण के लिए आपतन कोण की ज्या (sine) और अपवर्तन कोण की ज्या का अनुपात एक नियतांक होता है।
$\frac{Sini}{sinr}$= एक नियातंक
9. "हीरे का अपवर्तनांक 2.42 है।" इस कथन का क्या अर्थ है?
उत्तर : प्रकाश हीरे में निर्वात (शून्य) की अपेक्षा 2.42 गुनी धीमी चाल से चलता है।
10. प्रकाश की एक किरणपुंज पानी पर तैरते तारपीन की परत पर आपतित होती है। यदि वायु, तारपीन और पानी के अपवर्तनांक क्रमशः 1.00, 1.47 तथा 1.33 हों, तो समझाएँ कि किरणपुंज किस प्रकार वायु से तारपीन तथा फिर तारपीन से पानी में गमन करेगी।
उत्तर : जब प्रकाश की किरण वायु से तारपीन में प्रवेश करती है, तो वह कम अपवर्तनांक (1.00) वाले माध्यम से अधिक अपवर्तनांक (1.47) वाले माध्यम में जाती है। इस कारण प्रकाश की किरण अभिलंब की ओर झुकती है। इसके बाद जब यही किरण तारपीन से पानी (अपवर्तनांक 1.33) में प्रवेश करती है, तो वह अधिक अपवर्तनांक वाले माध्यम से कम अपवर्तनांक वाले माध्यम में जाती है। इस कारण किरण अभिलंब से दूर हटती है। इस प्रकार, वायु से तारपीन में जाते समय प्रकाश की किरण अभिलंब की ओर तथा तारपीन से पानी में जाते समय अभिलंब से दूर झुकती है। यह पूरा परिवर्तन प्रकाश के अपवर्तन के नियमों के अनुसार होता है।
11. आपको एक उत्तल लेंस, एक अवतल लेंस तथा एक काँच की वृत्ताकार पट्टिका दी गई है। उनकी सतहों को बिना छुए आप उनमें अंतर कैसे बताएँगे?
उत्तर : हम इन तीनों को एक किताब के पन्ने पर रखकर अक्षरों को देखेंगे।
(a). अगर अक्षर बड़े और साफ दिखें तो वह उत्तल लेंस है।
(b). अगर अक्षर छोटे और हल्के धुंधले दिखें तो वह अवतल लेंस है।
(c). अगर अक्षर वैसे ही दिखें जैसे बिना लेंस के दिखते हैं, तो वह काँच की पट्टिका है।
इस तरह बिना छुए हम फर्क पहचान सकते हैं
12. किसी उत्तल लेंस द्वारा जब सूर्य की किरणों को किसी कागज पर फोकसित करते हैं, तो वह जल उठता है। कारण स्पष्ट करें।
उत्तर :; सूर्य के प्रकाश के साथ-साथ ऊष्मीय ऊर्जा भी आती है। अतः, जब उत्तल लेंस द्वारा हम सूर्य से आती किरणों को कागज पर फोकसित करते हैं, तो प्रकाश के साथ ऊष्मा भी कागज के छोटे-से हिस्से पर फोकसित होती है, जिससे कागज का वह हिस्सा जल उठता है।
13. उत्तल लेंस को आँख के सामने रखकर सूर्य को देखना क्यों मना है?
उत्तर : उत्तल लेंस को आँख के सामने रखकर सूर्य को देखने पर सूर्य से आती ऊष्मा आँख के रेटिना पर फोकसित होकर उसको अत्यधिक क्षति पहुँचा सकती है।
14. यदि किसी उत्तल लेंस पर आपतित किरण लेंस के अक्ष के समांतर है, तो वह लेंस से अपवर्तन के पश्चात किस प्रकार मुड़ेगी? किरण-आरेख द्वारा इसे स्पष्ट करें।
उत्तर : यदि प्रकाश की किरणें किसी उत्तल लेस के प्रधान अक्ष के समांतर आपतित हो, तो वे लेंस से अपवर्तित होकर प्रधान अक्ष पर लेंस के दूसरी ओर स्थित एक निश्चित बिंदु से होकर जाती है
15. जब वस्तु उत्तल लेंस के F और 2F के बीच स्थित हो, तो प्रतिबिंब बनने को किरण-आरेख द्वारा दिखाएँ।
उत्तर : जब वस्तु फोकस F1 तथा 2F1 के बीच स्थित हो, तो
वस्तु का वास्तविक प्रतिबिंब 2F2 और अनंत के बीच बनता है।
वस्तु का प्रतिबिंब उलटा तथा वस्तु से बड़ा होता है
16. उत्तल लेंस और अवतल लेंस के अंतर को स्पष्ट करें।
उत्तर : उत्तल और अवतल लेंसों में निम्नलिखित अंतर हैं-
उत्तल लेंस | अवतल लेंस |
---|---|
(i). उत्तल लेंस किनारों की अपेक्षा बीच में मोटा होता है। (ii). यह प्रकाश को अभिसरित करता है। (iii). इसका फोकस वास्तविक होता है। |
(i). अवतल लेंस किनारों की अपेक्षा बीच में पतला होता है। (ii). यह प्रकाश अपसारित करता है। को (iii). इसका फोकस काल्पनिक होता है।। |
17. उत्तल लेंस को अभिसारी (converging) लेंस और अवतल लेंस को अपसारी (diverging) लेंस क्यों कहा जाता है?
उत्तर : (a) उत्तल लेंस का कार्य उससे होकर जानेवाली किरणपुंज को अभिसरित करना है। यही कारण है कि उत्तल लेंस को अभिसारी लेस भी कहा जाता है।
(b) ) अवतल लेंस का कार्य उससे होकर जानेवाली किरणपुज को अपसारित करना है। यही कारण है । कि अवतल लेंस को अपसारी लेंस भी कहा जाता है।
18. एक उत्तल लेंस की फोकस दूरी f है। यदि एक वस्तु को लेंस से 2f से कुछ अधिक दूरी से जैसे-जैसे लेंस के फोकस तक लाया जाए, तो उस वस्तु के प्रतिबिंब का आकार (size) किस प्रकार परिवर्तित होगा?
उत्तर : जब किसी वस्तु को उत्तल लेंस के सामने 2f से कुछ अधिक दूरी पर रखा जाता है और उसे धीरे-धीरे फोकस दूरी f तक लाया जाता है, तो उसके प्रतिबिंब का आकार लगातार बढ़ता है।
(a). 2f से अधिक दूरी पर :— प्रतिबिंब वास्तविक, उल्टा, और वस्तु से छोटा होता है।
(b). 2f पर : — प्रतिबिंब वास्तविक, उल्टा, और वस्तु के बराबर होता है।
(c). 2f से f के बीच :— प्रतिबिंब वास्तविक, उल्टा, और वस्तु से बड़ा हो जाता है।
(d). जैसे-जैसे वस्तु f के पास आती है, प्रतिबिंब का आकार बहुत बड़ा होता जाता है।
19. लेंस की क्षमता से आप क्या समझते हैं? इसका मात्रक लिखें।
उत्तर : जब किसी लेंस पर प्रकाश की किरण आपतित होती है तो अपवर्तन के कारण यह कुछ विस्थापित हो जाती है या मुड़ जाती है। लेंस द्वारा आपतित प्रकाश किरण को मोड़ने की क्षमता को ही लेंस की क्षमता कहते है।
$P = \frac{1}{f}$
20. मुख्य अक्ष को X-अक्ष और प्रकाश-केंद्र को मूलबिंदु मानकर आप u, v एवं f के चिह्न कैसे निर्धारित करेंगे?
उत्तर : लेसों के लिए चिह्न परिपाटी : -
(i). लेंस के मुख्य अक्ष को निर्देशांक XX अक्ष माना जाता है।
(ii). सभी दूरियाँ लेंस के प्रकाश केंद्र से मापी जाती हैं, अर्थात प्रकाश केंद्र को मूलविंदु माना जाता है।
(iii). आपतित प्रकाश की दिशा में मापी गई सभी दूरियाँ धनात्मक होती हैं तथा आपतित प्रकाश की दिशा के विपरीत दिशा में मापी गई सभी दूरियाँ ऋणात्मक होती हैं।
(iv). लेंस के मुख्य अक्ष, अर्थात XX' अक्ष के लंबवत मापी गई दूरियाँ धनात्मक तब होती हैं जब वे अक्ष के ऊपर होती हैं, तथा ऋणात्मक तब होती हैं जब वे अक्ष के नीचे होती हैं।
21. एक उत्तल लेंस वस्तु (बिंब) का वास्तविक और उलटा प्रतिबिंब लेंस से 40 cm पर बनाता है। यदि प्रतिबिंब का आकार वस्तु (बिंब) के आकार के बराबर हो, तो वस्तु (बिंब) लेंस से कितनी दूरी पर है और लेंस की क्षमता क्या है?
उत्तर : चूँकि वस्तु (बिंब) और प्रतिबिंब के आकार बराबर है, इसलिए वस्तु (बिंब) लेंस की दुगुनी फोकस-दूरी पर रखा है,
अर्थात u = 2f
40 = 2f
f = 20 cm
= 20/100 m
$P =\frac{1}{f}$
$= ${100}{20}$
= 5D
22. कई लेंसों को एक-दूसरे के संपर्क में रखकर बनाए गए लेंस निकायों का उपयोग सामान्यतः कहाँ किया जाता है?
उत्तर : ऐसे लेंस निकायों का उपयोग सामान्यतः कैमरों के लेंस तथा सूक्ष्मदर्शियों एवं दूरदर्शकों के अभिदृश्यकों के डिजाइन में किया जाता है।
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